नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी है। बाढ़ और मलबे की चपेट में आने से 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 133 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे थे।
बाढ़ में सड़कें, पुल और पावर प्रोजेक्ट तबाह

नेपाल के रासुवा, नुवाकोट और धादिंग समेत कई इलाकों में बाढ़ ने भारी नुकसान पहुंचाया है। तेज बहाव में सड़कें, पुल, मकान और बिजली से जुड़े महत्वपूर्ण ढांचे बह गए या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई इलाकों में संचार और बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
रिपोर्टों के मुताबिक, बाढ़ से कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट और ट्रांसमिशन सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं। राहत और बचाव अभियान के लिए नेपाल ने सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को तैनात किया है।
133 भारतीयों के लापता होने की खबर
नेपाल के प्रभावित इलाके में कम से कम 133 भारतीयों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से कई लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल के रास्ते तिब्बत की ओर जा रहे थे। नेपाल पर्यटन अधिकारियों के मुताबिक भारतीय नागरिक लापता विदेशी यात्रियों में सबसे बड़ी संख्या में हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, लापता भारतीयों में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल से गए तीर्थयात्री भी शामिल हैं। एक समूह में 77 लोग भी बताए गए हैं, जिनके बारे में संपर्क टूटने की जानकारी सामने आई है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर भी संकट
बाढ़ का असर उस क्षेत्र में पड़ा है, जिसका इस्तेमाल कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले यात्री करते हैं। अचानक आए तेज पानी और मलबे ने सड़क संपर्क को प्रभावित कर दिया है, जिससे कई यात्रियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
परिजनों की चिंता बढ़ गई है और भारतीय अधिकारी नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने तथा राहत एवं बचाव प्रयासों में समन्वय कर रहे हैं।
भारत ने नेपाल के लिए भेजी राहत सामग्री
भीषण बाढ़ के बाद भारत ने नेपाल की मदद के लिए राहत सामग्री और आवश्यक सामान भेजना शुरू कर दिया है। भारतीय एजेंसियां प्रभावित भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयासों में नेपाल के साथ समन्वय कर रही हैं।
लगातार जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
नेपाल में सेना, पुलिस और अन्य बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। हेलीकॉप्टरों की मदद से फंसे लोगों तक पहुंचने और जरूरतमंदों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। मलबे और खराब मौसम के कारण बचाव अभियान में मुश्किलें भी सामने आ रही हैं।









