जयपुर में हुई बैठक में फील्ड की चुनौतियों, योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक नवाचारों पर लिया फीडबैक
जयपुर, 1 सितंबर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को शासन सचिवालय में युवा जिला कलेक्टरों के साथ बैठक कर प्रदेश में चल रही विभिन्न प्रशासनिक योजनाओं और जनकल्याणकारी सेवाओं की समीक्षा की। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, साइबर अपराध की रोकथाम, हरियालो राजस्थान और जल जीवन मिशन सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने जिला कलेक्टरों से फील्ड स्तर पर सामने आ रही चुनौतियों, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक नवाचारों को लेकर फीडबैक लिया।
नागरिक केन्द्रित प्रशासन को प्राथमिकता
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता नागरिक केन्द्रित, संवेदनशील और परिणामोन्मुखी शासन होनी चाहिए। उन्होंने कलेक्टरों को नियमित फील्ड विजिट करने और सरकारी योजनाओं व सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि स्थानीय जरूरतों को समझते हुए समस्याओं का प्रभावी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

स्कूलों की सुविधाओं में सुधार पर जोर
बैठक में शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने विद्यालयों में सुरक्षित आधारभूत संरचना, स्वच्छ पेयजल और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने जिला कलेक्टरों से स्कूलों का नियमित निरीक्षण कर आधारभूत सुविधाओं की कमियों को चिन्हित करने और उनका समयबद्ध समाधान कराने को कहा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस वर्ष स्कूलों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए 3 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
मुख्य सचिव ने जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित समीक्षा करने और सीएमएचओ सहित संबंधित अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने को कहा।
उन्होंने विशेष रूप से हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की निगरानी और चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता पर ध्यान देने की बात कही। प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्तर के स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय से हाई रिस्क प्रेग्नेंसी से जुड़ी चुनौतियों के प्रभावी प्रबंधन पर जोर दिया गया।
साइबर अपराध रोकने के लिए समन्वय बढ़ाने पर जोर

बैठक में बढ़ते साइबर अपराध को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने जिला स्तरीय समितियों को सक्रिय रखने और संबंधित विभागों व एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले नए और संदिग्ध बैंक खातों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई करने की आवश्यकता बताई। साथ ही साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा करने और आमजन को साइबर फ्रॉड से बचाव के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।
‘हरियालो राजस्थान’ अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने की अपील
मुख्य सचिव ने हरियालो राजस्थान अभियान की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि केवल पौधरोपण तक सीमित न रहकर लगाए गए पौधों की देखभाल और संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने अभियान को अधिक से अधिक जनभागीदारी से जोड़ने की आवश्यकता बताई, ताकि पौधरोपण के दीर्घकालिक और सकारात्मक परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।
जल जीवन मिशन के कामों की गुणवत्ता पर फोकस

जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने पेयजल से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिला कलेक्टरों को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सहित संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर फील्ड में चल रहे कार्यों की नियमित निगरानी करने को कहा।
युवा कलेक्टरों को नवाचार और तकनीक अपनाने की सलाह

मुख्य सचिव ने कहा कि जिला कलेक्टर प्रशासन और आमजन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। फील्ड में उनकी सक्रियता का सीधा प्रभाव नागरिकों तक पहुंचने वाली सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ता है।
उन्होंने युवा अधिकारियों को तकनीक, नवाचार और बेहतर प्रशासनिक पद्धतियों का इस्तेमाल करते हुए नागरिक केन्द्रित प्रशासन को और प्रभावी बनाने के लिए प्रेरित किया।
बैठक में अलवर, भरतपुर, दौसा, हनुमानगढ़, बीकानेर, जोधपुर और करौली के जिला कलेक्टर उपस्थित रहे।









