दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP (Cockroach Janta Party) के प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ हुई मारपीट का मामला अब राजनीतिक विवाद में बदल गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक पॉडकास्ट वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज कथित तौर पर घटना को लेकर दावा करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने इसमें दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा समेत कुछ राजनीतिक नेताओं का भी जिक्र किया।
हालांकि, इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज ने बाद में अपने बयान पर सफाई देते हुए घटना को आत्मरक्षा बताया है, जबकि दिल्ली पुलिस ने सिर की गंभीर चोट और खोपड़ी फटने जैसे दावों को मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर खारिज किया है।
वायरल पॉडकास्ट में क्या बोले स्वतंत्र भारद्वाज?
वायरल वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज कथित तौर पर निशु आजाद के पिता पर हमला करने और उनके सिर में गंभीर चोट लगने का दावा करते सुनाई देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि घटना के बावजूद उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा।
वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा का जिक्र करते हुए दावा किया कि उनके फोन के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी नाम लेते हुए अपने राजनीतिक संपर्कों की बात कही।
हालांकि, इन दावों को स्वतंत्र भारद्वाज के आरोप/बयान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। कपिल मिश्रा की ओर से इस दावे की पुष्टि होने की जानकारी इन रिपोर्टों में नहीं है।
बाद में भारद्वाज ने दी सफाई, बताया आत्मरक्षा का मामला
विवाद बढ़ने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने पुराने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि जिसे हमला बताया जा रहा है, वह आत्मरक्षा में उठाया गया कदम था।
उनका दावा है कि जंतर-मंतर पर उन्हें करीब 10-15 लोगों ने घेर लिया था और अगर उन्होंने खुद का बचाव नहीं किया होता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास घटना से संबंधित वीडियो सबूत मौजूद हैं और वह पुलिस की जांच में सहयोग कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने ‘खोपड़ी फोड़ने’ के दावे पर क्या कहा?
दिल्ली पुलिस ने वायरल दावों के बीच संजय कुमार की मेडिकल रिपोर्ट का हवाला दिया है। पुलिस के मुताबिक, 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के सिर में चोट लगी थी।
पुलिस के अनुसार, RML अस्पताल में उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया था और चोट को मेडिकल रिपोर्ट में सामान्य प्रकृति का बताया गया। पुलिस ने यह भी कहा कि चोट कथित तौर पर कड़े (कड़ा) से लगी थी और किसी हथियार से नहीं।
इसलिए वायरल वीडियो में किए गए ‘खोपड़ी फोड़ने’, ‘60 टांके’ और गंभीर स्थिति जैसे दावों तथा पुलिस की मेडिकल रिपोर्ट के बीच अंतर नजर आ रहा है।
CJP ने की स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग
मामले को लेकर CJP से जुड़े लोगों ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग की है। शुक्रवार को CJP समर्थकों ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन तक मार्च किया और कार्रवाई की मांग उठाई।
मामले में पुलिस की कार्रवाई और धाराओं को लेकर भी विवाद सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक, CJP की ओर से मामले में कड़ी कार्रवाई और गंभीर धाराएं लगाने की मांग की जा रही है।
राजनीतिक विवाद भी हुआ तेज
वायरल वीडियो सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। विपक्षी नेताओं ने स्वतंत्र भारद्वाज के दावों को लेकर सवाल उठाए हैं और यह पूछा है कि अगर उनके बयान सही हैं तो उन्हें गिरफ्तारी या कड़ी कार्रवाई का सामना क्यों नहीं करना पड़ा।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने वायरल दावों में बताई गई गंभीर चोटों को मेडिकल रिकॉर्ड से मेल नहीं खाने वाला बताया है। ऐसे में पूरे मामले में वायरल वीडियो, प्रत्यक्ष घटनाक्रम और मेडिकल रिपोर्ट के बीच तथ्य स्पष्ट करना जांच का अहम हिस्सा होगा।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद 23 जून 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी। बाद में स्वतंत्र भारद्वाज के कथित पॉडकास्ट बयान के वायरल होने से मामला दोबारा चर्चा में आ गया।
अब भारद्वाज अपने पुराने बयान को आत्मरक्षा के संदर्भ में बता रहे हैं, जबकि CJP उनसे जुड़े आरोपों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है। पुलिस जांच और उपलब्ध वीडियो/मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।









