ईरान से अगले साल तक युद्ध की तैयारी कर रहा अमेरिका? ट्रंप के मंत्री के बयान से बढ़ी हलचल

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

अमेरिकी सैनिकों की तैनाती 2027 तक बढ़ाने की रिपोर्ट, ट्रंप प्रशासन ईरान पर सैन्य और आर्थिक दबाव बनाए रखने की तैयारी में

वॉशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बीच ऐसी रिपोर्ट सामने आई है, जिसने आने वाले महीनों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य तैनाती को 2027 तक बढ़ा दिया है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि वॉशिंगटन ईरान के साथ संघर्ष लंबा खिंचने की स्थिति के लिए तैयारी कर रहा है।

2027 तक अमेरिकी सैनिकों की तैनाती?

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य पूर्व में करीब 50 हजार अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और उनकी तैनाती को आगे बढ़ाया गया है। क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक पोत और एयर डिफेंस सिस्टम भी मौजूद हैं। इनका इस्तेमाल ईरानी मिसाइल और ड्रोन खतरों से निपटने तथा समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि अमेरिका ने 2027 तक युद्ध जारी रखने का अंतिम फैसला कर लिया है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी नेतृत्व एक तरफ सैन्य विकल्प खुले रख रहा है, वहीं दूसरी तरफ संघर्ष को समाप्त करने के विकल्पों पर भी विचार कर रहा है।

ट्रंप ने कहा- अभियान लंबा नहीं चलेगा

इस घटनाक्रम के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 सितंबर को कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का नया सैन्य अभियान लंबे समय तक नहीं चलेगा। यह बयान उस समय आया जब अमेरिका और ईरान के बीच हालिया दिनों में संघर्ष फिर तेज हुआ है।

यानी एक ओर ट्रंप संघर्ष को लंबा नहीं खींचने का संकेत दे रहे हैं, जबकि दूसरी ओर अमेरिकी सैन्य तैनाती को आगे बढ़ाए जाने की रिपोर्ट सामने आ रही है। यही विरोधाभास अमेरिकी रणनीति को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।

ईरान पर सैन्य दबाव के साथ आर्थिक शिकंजा भी

अमेरिका केवल सैन्य विकल्प पर निर्भर नहीं है। ट्रंप प्रशासन ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने के लिए नए प्रतिबंधों की तैयारी भी कर रहा है।

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने बताया है कि प्रशासन ईरान से जुड़े कारोबार में शामिल एयरलाइंस, समुद्री क्षेत्र और डिजिटल एसेट्स को भी संभावित प्रतिबंधों के दायरे में लाने पर विचार कर रहा है।

क्या अगले साल तक जारी रह सकता है संघर्ष?

मौजूदा घटनाक्रम से इतना जरूर संकेत मिलता है कि अमेरिका लंबे संघर्ष की संभावना के लिए सैन्य विकल्प तैयार रख रहा है। लेकिन इसे यह कहना कि अमेरिका ने 2027 तक युद्ध जारी रखने का अंतिम फैसला कर लिया है, अभी जल्दबाजी होगी।

अमेरिकी प्रशासन के सामने सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ आर्थिक दबाव और कूटनीतिक विकल्प भी मौजूद हैं। आने वाले दिनों में ट्रंप प्रशासन का अगला कदम यह तय करेगा कि संघर्ष और बढ़ता है या बातचीत की दिशा में आगे बढ़ता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य बना बड़ा मुद्दा

ईरान-अमेरिका संघर्ष में होर्मुज जलडमरूमध्य भी अहम रणनीतिक क्षेत्र बना हुआ है। इस रास्ते से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने से शिपिंग और ऊर्जा बाजार पर असर पड़ रहा है।

ऐसे में संघर्ष लंबा खिंचने की स्थिति में केवल अमेरिका और ईरान ही नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और मध्य पूर्व की अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर पड़ सकता है।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने युवा जिला कलेक्टरों से की चर्चा, शिक्षा-स्वास्थ्य से साइबर अपराध तक पर फोकस

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें

traffic tail