नेपाल-तिब्बत सीमा पर भीषण आपदा के बाद बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन, भारतीय नागरिकों की मदद के लिए दूतावास ने जारी किए दिशा-निर्देश
बीजिंग/नई दिल्ली। चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में नेपाल सीमा के पास हुए भीषण भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में हुए इस हादसे में अब तक 3 लोगों की मौत हुई है, जबकि 588 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
ग्यिरोंग पोर्ट के आसपास मची तबाही
यह हादसा नेपाल-चीन सीमा के बेहद करीब स्थित ग्यिरोंग इलाके में हुआ। बड़े पैमाने पर मलबा और पानी आने से सड़कें और अन्य बुनियादी ढांचा प्रभावित हुआ है। आपदा के बाद प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान भी शुरू किया गया है।
चीन की ओर से जारी शुरुआती आंकड़ों में 588 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई थी। वहीं, दो स्थानीय ग्रामीणों को बचाए जाने की भी खबर है।
चीनी सेना और राहत दलों ने संभाला मोर्चा
आपदा के बाद चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की वेस्टर्न थिएटर कमांड की टीम को राहत एवं बचाव अभियान में लगाया गया है। बचाव दलों को मलबा हटाने, सड़कों को साफ करने, नुकसान का आकलन करने और लापता लोगों की तलाश का जिम्मा दिया गया है।
चीनी अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में संभावित दूसरे हादसे के खतरे को देखते हुए निगरानी भी बढ़ा दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, भूस्खलन के कारण कुछ स्थानों पर पानी जमा होने से आगे भी बाढ़ का खतरा पैदा हुआ है।
भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी
आपदा के बाद चीन स्थित भारतीय दूतावास ने तिब्बत-नेपाल सीमा क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने प्रभावित क्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों से सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने और जरूरत पड़ने पर दूतावास से संपर्क करने की अपील की है।
नेपाल और तिब्बत में आई इस प्राकृतिक आपदा से बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा और अन्य यात्राओं के कारण इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक और तीर्थयात्री मौजूद थे।
नेपाल में भी भारी तबाही
इस आपदा का सबसे बड़ा असर नेपाल में देखने को मिला है। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से कई लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। सड़कें, पुल और पावर प्रोजेक्ट समेत महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।
ध्यान दें: शुरुआती रिपोर्टों के बाद मृतकों और लापता लोगों के आंकड़े लगातार बदल रहे हैं। इसलिए खबर को अपडेट करते समय नवीनतम आधिकारिक आंकड़ों को प्राथमिकता देना जरूरी है। चीन के तिब्बत क्षेत्र के लिए 588 लापता और 3 मौतों का आंकड़ा शुरुआती रिपोर्टों में दिया गया था।
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