CM देवेंद्र फडणवीस का बड़ा फैसला, एक साल तक मराठी नहीं आने पर बैज या लाइसेंस पर नहीं होगी कार्रवाई
मुंबई, 27 अगस्त 2026। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गैर-मराठी भाषी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने चालकों को बोलचाल की मराठी (Functional/Conversational Marathi) सीखने के लिए एक साल की अतिरिक्त मोहलत देने का फैसला किया है। इस अवधि के दौरान मराठी भाषा का पर्याप्त ज्ञान नहीं होने पर चालकों के खिलाफ बैज या लाइसेंस निलंबित अथवा रद्द करने जैसी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
ऑटो-टैक्सी चालक संगठनों की मांग पर लिया फैसला
ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर मराठी सीखने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की थी। प्रतिनिधियों का कहना था कि चालकों की उम्र अलग-अलग है और कई चालक काफी समय पहले पढ़ाई छोड़ चुके हैं। ऐसे में कम समय में मराठी भाषा सीखना उनके लिए मुश्किल हो सकता है।
चालक संगठनों की मांग पर सरकार ने उन्हें एक साल का अतिरिक्त समय देने पर सहमति जताई है।
सरकार लगाएगी मराठी की कक्षाएं
सरकार की ओर से इस एक साल की अवधि में गैर-मराठी भाषी ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी सीखने में मदद की जाएगी। इसके लिए मराठी भाषा की कक्षाएं आयोजित करने और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की योजना है।
सरकार का उद्देश्य चालकों को ऐसी मराठी सिखाना है, जिससे वे यात्रियों के साथ रोजमर्रा की बातचीत आसानी से कर सकें।
पहले मराठी ज्ञान को लेकर शुरू हुआ था जांच अभियान
इससे पहले महाराष्ट्र के परिवहन विभाग की ओर से ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा के ज्ञान को अनिवार्य करने की बात कही गई थी। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की ओर से इस संबंध में जांच अभियान चलाने की घोषणा के बाद कुछ चालकों को नोटिस भी जारी किए गए थे।
मराठी भाषा की अनिवार्यता को लेकर ऑटो-टैक्सी चालक संगठनों की ओर से विरोध भी जताया गया था। अब सरकार की ओर से एक साल की अतिरिक्त मोहलत दिए जाने के बाद चालकों को तत्काल कार्रवाई से राहत मिल गई है।
एक साल तक नहीं होगी लाइसेंस या बैज पर कार्रवाई
सरकार के फैसले के अनुसार, अतिरिक्त एक साल की अवधि के दौरान यदि किसी गैर-मराठी भाषी चालक को मराठी का पर्याप्त ज्ञान नहीं है तो उसके खिलाफ बैज या ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द करने जैसी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
इस अवधि में चालकों को मराठी सीखने का अवसर दिया जाएगा और सरकार की ओर से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।









