नाइजीरिया। अफ्रीकी देश नाइजीरिया के तेल उत्पादक रिवर्स स्टेट में तेल चोरी की कोशिश के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ओक्रिका इलाके के ओकारी जेट्टी पर पेट्रोलियम उत्पाद चोरी करने के दौरान जहरीले धुएं की चपेट में आने से कम से कम 37 लोगों की मौत की खबर है। कई अन्य लोगों के लापता होने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने घटना की पुष्टि की है, लेकिन अभी आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या नहीं बताई है।
आधी रात को जुटे थे लोग, जहरीले धुएं से मचा हड़कंप
रिपोर्टों के मुताबिक घटना 3 सितंबर 2026 की आधी रात के आसपास ओकारी जेट्टी पर हुई। बताया जा रहा है कि 100 से ज्यादा लोग स्थानीय नावों के जरिए पेट्रोलियम उत्पाद को एक अवैध तरीके से टैप किए गए पाइपलाइन प्वाइंट से निकालने पहुंचे थे।
इसी दौरान वहां मौजूद एक जहाज भी पेट्रोलियम उत्पाद लोड कर रहा था। उत्पाद को कथित तौर पर दबाव के साथ निकालने के दौरान अचानक तेज गंध और जहरीले धुएं ने इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। कई लोग बेहोश होकर नदी में गिर गए।
37 लोगों की मौत, कई अभी भी लापता
पर्यावरण संगठन Youths and Environmental Advocacy Centre (YEAC-Nigeria) ने कम से कम 37 लोगों की मौत की जानकारी दी है। संगठन के अनुसार, कई अन्य लोग अभी भी लापता हैं और कुछ शवों को नदी से बरामद किया जाना बाकी है।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक कुछ लोगों को सांस लेने में गंभीर परेशानी हुई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस ने की घटना की पुष्टि, मौतों का आंकड़ा अभी आधिकारिक नहीं
नाइजीरिया की रिवर्स स्टेट पुलिस ने घटना की पुष्टि की है। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जानकारी में पीड़ितों के कथित तौर पर कच्चे तेल की चोरी करने की कोशिश में शामिल होने की बात सामने आई है।
हालांकि पुलिस ने 37 मौतों के आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और घटना की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी गई है। नाइजीरिया सिक्योरिटी एंड सिविल डिफेंस कॉर्प्स ने भी कहा है कि सोशल मीडिया और अन्य जगहों पर चल रहे आंकड़ों की पुष्टि की जा रही है।
नाइजीरिया में तेल चोरी बड़ी समस्या
नाइजीरिया के नाइजर डेल्टा क्षेत्र में पाइपलाइन से तेल चोरी और अवैध तेल कारोबार लंबे समय से बड़ी समस्या बना हुआ है। यह क्षेत्र देश के प्रमुख तेल उत्पादक इलाकों में शामिल है।
तेल चोरी के दौरान पाइपलाइन काटने, अवैध तरीके से पेट्रोलियम उत्पाद निकालने और बिना सुरक्षा उपायों के काम करने से आग, जहरीले धुएं और विस्फोट जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है। ऐसी घटनाओं में पहले भी बड़ी संख्या में लोगों की जान जा चुकी है।
हादसे ने फिर उठाए सुरक्षा और रोजगार पर सवाल
ओकारी जेट्टी की घटना के बाद क्षेत्र में तेल चोरी रोकने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षित रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग भी उठ रही है। पर्यावरण संगठनों का कहना है कि नाइजर डेल्टा में गरीबी और बेरोजगारी जैसी समस्याओं के कारण अवैध तेल गतिविधियों का जोखिम बना हुआ है।
फिलहाल अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि जहरीला पदार्थ वास्तव में क्या था और हादसे में कितने लोगों की मौत हुई तथा कितने लोग लापता हैं।









