जोधपुर, 5 सितंबर 2026। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने शनिवार को डॉ. संपूर्णानंद मेडिकल कॉलेज के सभागार में जिले की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक ली। बैठक में सुरक्षित मातृत्व, गुणवत्तापूर्ण प्रसव सेवाओं, नवजात शिशुओं की देखभाल और अस्पतालों में उपचार व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
हाई रिस्क प्रेगनेंसी की लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश
मुख्य सचिव ने सुरक्षित मातृत्व एवं स्वस्थ शैशव के लिए संचालित कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने हाई रिस्क प्रेगनेंसी की समय पर पहचान और लगातार मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं को समय पर परामर्श, आवश्यक जांच और समुचित फॉलोअप उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही एंटीनेटल केयर की गुणवत्ता बेहतर बनाने और गर्भावस्था के दौरान किसी भी जोखिम की स्थिति में समयबद्ध उपचार सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्य सचिव ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े प्रसव सखी जैसे नवाचारों को प्रभावी तरीके से लागू करने तथा सफल कार्यप्रणालियों को अन्य चिकित्सा संस्थानों में भी अपनाने की आवश्यकता बताई।
उम्मेद चिकित्सालय में उपचार व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
बैठक में उम्मेद चिकित्सालय में मरीजों के अत्यधिक दबाव को देखते हुए उपलब्ध संसाधनों और उपचार व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने ऑपरेशन थिएटर में निर्धारित मानक चिकित्सा प्रोटोकॉल की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने उपचार प्रक्रियाओं की नियमित मॉनिटरिंग और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया। एनेस्थिसियोलॉजी, ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।
गंभीर और जटिल मामलों में तत्काल चिकित्सकीय हस्तक्षेप तथा उपचार प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और परिणामोन्मुख बनाने पर भी जोर दिया गया।
सैटेलाइट अस्पतालों में सीजेरियन सेवाओं के विस्तार की तैयारी

मुख्य सचिव ने जिले के सैटेलाइट अस्पतालों को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बिलाड़ा, भोपालगढ़, धवा, पीपाड़ शहर, ओसियां और बालेसर के चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक मानव संसाधन और सहायक चिकित्सकीय सेवाओं को सुदृढ़ करने को कहा।
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने से मरीजों को समय पर उपचार मिलेगा और बड़े चिकित्सा संस्थानों पर मरीजों का दबाव भी कम होगा।
इन अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत करने के साथ सीजेरियन सेक्शन सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की दिशा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
एंटीनेटल केयर को और प्रभावी बनाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने जिले में एंटीनेटल केयर की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को निर्धारित अंतराल पर जरूरी परामर्श और जांच उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि हाई रिस्क प्रेगनेंसी की जल्द पहचान, नियमित फॉलोअप और आवश्यकता के अनुसार उपचार की एकीकृत व्यवस्था को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उम्मेद चिकित्सालय में अपनाई जा रही प्रभावी कार्यप्रणालियों और नवाचारों को बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में चिन्हित कर अन्य चिकित्सा संस्थानों में भी स्थानीय जरूरतों के अनुसार लागू करने के निर्देश दिए गए।
24 घंटे ऑपरेशन थिएटर, HDU और ICU की मॉनिटरिंग
मुख्य सचिव ने उम्मेद चिकित्सालय में राउंड-द-क्लॉक ऑपरेशन थिएटर, हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU) और इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
उन्होंने गंभीर मरीजों और नवजात शिशुओं को उपलब्ध कराई जा रही जीवनरक्षक चिकित्सा सेवाओं की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विशेषज्ञ सेवाओं और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम प्रभावी उपयोग करने पर जोर दिया।
मुख्य सचिव ने उम्मेद चिकित्सालय को मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए गंभीर मामलों में समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने दिया प्रस्तुतीकरण
बैठक में डॉ. संपूर्णानंद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बी.एस. जोधा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले की चिकित्सा व्यवस्थाओं, उपचार पद्धति, चिकित्सकीय संसाधनों, स्वास्थ्य अवसंरचना और विभिन्न चिकित्सा सेवाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में संभागीय आयुक्त श्री कन्हैया लाल स्वामी, जिला कलक्टर श्री आलोक रंजन, सीईओ जिला परिषद श्री आशीष कुमार मिश्रा, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. बी.एस. जोधा सहित संबंधित चिकित्सा अधिकारी और चिकित्सक मौजूद रहे।









