Exercise Ambar Kavach-4: बीकानेर में भारतीय सेना ने दिखाई ड्रोन खतरे से निपटने की ताकत

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महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में कॉम्बैट रेडीनेस की परीक्षा, ‘Detect, Disrupt, Destroy’ के जरिए मल्टी-लेयर्ड काउंटर-ड्रोन डिफेंस का प्रदर्शन

बीकानेर, राजस्थान। बीकानेर स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय सेना की Exercise Ambar Kavach-4 के दौरान तेजी से बढ़ते ड्रोन और UAV खतरे से निपटने की तैयारियों का प्रदर्शन किया गया। इस सैन्य अभ्यास का मुख्य उद्देश्य सैनिकों और सैन्य फॉर्मेशन की कॉम्बैट रेडीनेस को परखना तथा काउंटर-ड्रोन रणनीतियों, तकनीकों और प्रक्रियाओं को टेस्ट, रिफाइन और वैलिडेट करना रहा।

‘Detect, Disrupt, Destroy’ बना अभ्यास का मूल मंत्र

Exercise Ambar Kavach-4 में काउंटर-ड्रोन ऑपरेशन के तीन प्रमुख चरणों Detect, Disrupt और Destroy पर विशेष जोर दिया गया।

  • Detect: ड्रोन और UAV खतरे की पहचान और डिटेक्शन।
  • Disrupt: ड्रोन की ऑपरेशनल क्षमता को बाधित करना।
  • Destroy: जरूरत पड़ने पर खतरे को निष्क्रिय करना।

इस रणनीति का उद्देश्य ड्रोन हमलों और निगरानी के संभावित खतरों के खिलाफ मल्टी-लेयर्ड काउंटर-ड्रोन डिफेंस तैयार करना है।

रियल-टाइम सिमुलेशन के जरिए परखी गई तैयारियां

अभ्यास के दौरान Active और Passive Counter-Drone Measures, रियल-टाइम टैक्टिकल सिमुलेशन और प्रिसीजन टारगेट एक्विजिशन जैसी गतिविधियों को प्रशिक्षण का हिस्सा बनाया गया।

इन अभ्यासों के जरिए सैनिकों को ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार किया गया, जहां युद्धक्षेत्र में ड्रोन का खतरा अचानक सामने आ सकता है और कम समय में प्रभावी निर्णय लेना जरूरी हो सकता है।

आधुनिक युद्ध में बढ़ रहा ड्रोन का इस्तेमाल

आधुनिक युद्धक्षेत्र में ड्रोन और UAV का इस्तेमाल surveillance, reconnaissance और target acquisition जैसी गतिविधियों के लिए तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में ड्रोन से निपटने की क्षमता भारतीय सेना की ऑपरेशनल तैयारियों का अहम हिस्सा बनती जा रही है।

Exercise Ambar Kavach-4 के जरिए सेना ने ड्रोन खतरे की पहचान, प्रतिक्रिया और neutralisation से जुड़ी क्षमताओं को परखने और मजबूत करने पर जोर दिया।

भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए भारतीय सेना की तैयारी

महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित यह अभ्यास भविष्य के युद्धक्षेत्र की बदलती चुनौतियों के अनुरूप भारतीय सेना की तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

ड्रोन तकनीक के तेजी से विस्तार के बीच काउंटर-ड्रोन सिस्टम और रणनीतियों का प्रभावी इस्तेमाल सैन्य अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। Exercise Ambar Kavach-4 इसी दिशा में भारतीय सेना की तैयारी और तकनीकी क्षमता को प्रदर्शित करता है।

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