CEC मुद्दे पर विपक्षी गोलबंदी तेज, TMC-CPM साथ आए; दिल्ली में INDIA ब्लॉक की बैठक जल्द
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों की लामबंदी तेज होती जा रही है। चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। अब इस मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे तृणमूल कांग्रेस (TMC) और CPM भी संयुक्त रणनीति की दिशा में आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं।
ममता बनर्जी ने CPM के प्रस्ताव का किया समर्थन
CPM महासचिव एमए बेबी ने विपक्षी दलों से चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर व्यापक स्तर पर समन्वय करने और संयुक्त रणनीति बनाने की अपील की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है।
ममता बनर्जी और एमए बेबी के बीच फोन पर बातचीत भी हुई, जिसमें विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने और चुनाव आयोग के मुद्दे पर संयुक्त कार्रवाई की जरूरत पर चर्चा हुई। यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि TMC और CPM लंबे समय से पश्चिम बंगाल में एक-दूसरे के प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे हैं।
दिल्ली में INDIA ब्लॉक की बैठक की तैयारी
CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दल अब साझा रणनीति बनाने की तैयारी में हैं। सूत्रों के मुताबिक, INDIA ब्लॉक की दिल्ली में जल्द बैठक हो सकती है। बैठक में चुनाव आयोग से जुड़े विवाद, SIR और CEC के खिलाफ आगे की राजनीतिक एवं संसदीय रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।
विपक्षी दल पहले भी CEC के खिलाफ कार्रवाई और उनके पद से हटाने की मांग उठा चुके हैं। अप्रैल में विपक्ष के 73 सांसदों ने राज्यसभा में CEC को हटाने की मांग को लेकर नोटिस दिया था। अब विपक्ष की ओर से दोनों सदनों में नए नोटिस देने की तैयारी की खबर सामने आई है।
CEC पर विपक्ष के क्या आरोप हैं?
विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर पारदर्शिता से जुड़े सवाल खड़े हुए हैं। विपक्ष विशेष रूप से SIR प्रक्रिया को लेकर चिंतित है और इसे लेकर जांच तथा प्रक्रिया में बदलाव की मांग कर रहा है।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर अपना पक्ष रखा है। आयोग से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि आयुक्तों के बीच विचारों में अंतर होना सामान्य है और SIR समेत सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
विपक्ष के लिए क्यों अहम है TMC-CPM का साथ आना?
TMC और CPM का एक मंच पर आना विपक्षी एकजुटता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों दलों के बीच पश्चिम बंगाल में लंबे समय से तीखी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रही है। ऐसे में अगर CEC और चुनाव आयोग के मुद्दे पर दोनों दल INDIA ब्लॉक के दूसरे घटकों के साथ मिलकर संयुक्त आंदोलन की रणनीति बनाते हैं, तो विपक्ष सरकार और चुनाव आयोग पर राजनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिश कर सकता है।
कांग्रेस, TMC, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, CPI(M) और PDP समेत कई विपक्षी दल पहले ही CEC के खिलाफ सवाल उठा चुके हैं और संयुक्त कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर INDIA ब्लॉक की संभावित दिल्ली बैठक पर है। बैठक में विपक्षी दल यह तय कर सकते हैं कि CEC ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर आगे किस तरह की रणनीति अपनाई जाए। इसमें संसद के भीतर कार्रवाई, देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और SIR को लेकर संयुक्त अभियान जैसे विकल्पों पर चर्चा हो सकती है।
CEC विवाद ने एक बार फिर विपक्षी एकता को सक्रिय कर दिया है। सबसे खास बात यह है कि TMC और CPM जैसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी भी इस मुद्दे पर साझा मंच की ओर बढ़ रहे हैं। आने वाले दिनों में INDIA ब्लॉक की बैठक से विपक्ष की अगली रणनीति की तस्वीर और साफ हो सकती है।









